धीरे चलें , सुरक्षित रहें , घर में कोई आपका इंतजार कर रहा है ।।

119

 

रफ़्तार — मंज़िल तक पहुंचने का माध्यम या ?

यातायात को सुगम और मंज़िल तक आसानी से पहुंचने के लिए गाड़ियों का निर्माण किया गया है ताकी लोगों का समय कुछ बच सके और कम समय मे ज़्यादा दूरी तक पहुँचा जा सके ।
बदलते वक्त में गाड़ियों को भी बेहतर से बेहतर बनाया जा रहा जिससे गाड़ियों की रफ़्तार में भी फ़र्क़ आ गया जो हमारी सहूलियत के लिए था , पर आज के युवा इस रफ़्तार का नाजायज़ फ़ायदा उठाने लगे और गाड़ियों की रफ्तार के साथ सड़क पर कलाबाज़ी करते नज़र आने लगे हैं , जिसका दुष्परिणाम ख़ुद का ज़ख़्मी होना और राह चलते लोगों को आहत पहुंचाना हो गया है ,

आज के युवा घर से बोल कर निकलते है कि आ रहा हूँ, ये नही बोलते की सुरक्षित आ रहा हूँ , घर से दो कदम दूर जाने के बाद इन युवाओं में न जाने कौन सा सुपरहीरो प्रवेश कर जाता है कि वो  उस बाईक  ( जिसका साइलेंसर बदल दिया गया हो ) को हवा में उड़ाने लग जाते हैं और नतीजा अस्पताल ,

बीते दिन कृष्णजन्माष्टमी की रात एक के बाद एक दो गाड़ी सवार ज़मीन पर खाख छानते हुए नज़र आये , पहला बाईक सवार जिसकी रफ़्तार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 70 से 80 km थी जिसने एक कुत्ते को ठोकर मार कर तुरंत ही मौत के घाट उतार दिया और ख़ुद भी 20 मीटर बाईक के साथ घसीटता रहा , नतीजा अस्पताल दूसरा भी ऐसे ही किसी हालात की वजह से ज़मीन पर गिर गया , रफ़्तार कई दफ़ा मंज़िल तक पहुंचाती है पर कई बार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी ।।

माता पिता भी करते हैं नज़रअंदाज़

अपनी सहूलियत के लिए माता पिता भी कम उम्र में ही बच्चों को गाड़ी चलाना सीखा देतें हैं ताकि छोटे मोटे घर के कामों में आसानी हो , पर एक चूक उनसे भी हो जाती है वो ये नही सिखाते की सड़क पर गाड़ी कैसे चलाना है , जिस दिन माता पिता बच्चों को गाड़ी चलाना सिखाते वक्त ये नसीहत देने लग जाएं कि (धीरे चलें ख़ुद भी सुरक्षित रहें और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखें ) उस दिन से शायद सड़क हादसे कम हो सकते हैं और ये शिक्षा भी जरूरी है , क्योंकि हम अपने बच्चे को सही ज्ञान दे रहे हैं ।

यातायात पुलिस के नही होने की वजह से स्थानीय पुलिस की ज़िम्मेदारी बढ़ी ।

हर रोज़ कई प्रकार के अपराधों को अंजाम दिया जाता है , जिस वजह से पुलिस अपराधियों को पकड़ने में व्यस्त रहती है , इतनी व्यस्तता के बावजूद पुलिस को यातायात पर भी लगाम लगाए रखना है , शराब पी कर गाड़ी चलाने वालों के ऊपर तो कार्यवाही होती ही है , उन युवाओं पर भी लगाम कसने की जरूरत है जो बेलगाम गाड़ियों को सड़क पर दौड़ाते हैं , ऐसे वाहन चालकों को पकड़ कर उनके माता पिता से बात करने और दुबारा पकड़े जाने पर चालान करने की जरूरत है ।।।

वाहन आपकी सहूलियत के लिए है , धीरे चलें और सुरक्षित रहें ।।

यातायात के नियमों का पालन करें ।।