काम के बदले शराब योजना , का होगा अंत , या रहेगा बदस्तूर जारी

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कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर ने नायाब तहसीलदार मस्तूरी को एक किसान से अंग्रेजी शराब मांगने के आरोप में जिला कार्यालय में संलग्न कर दिया है। प्रकरण यह है कि, मस्तूरी क्षेत्र के एक किसान ने नायाब तहसीलदार को फोन कर अपने काम के बारे में जानकारी मांगी ।इस पर नायाब तहसीलदार ,मस्तूरी ने किसान से अंग्रेजी शराब की कीमत पूछते हुए एक बोतल शराब लेकर आने का फरमान जारी कर दिया। नायाब तहसीलदार मस्तूरी द्वारा –“”काम के बदले शराब योजना —“”” का यह ऑडियो वायरल हो गया। मस्तूरी क्षेत्र राजनीतिक रूप से बहुत सजग क्षेत्र है ,और वीडियो वायरल होने पर सरकार की भारी किरकिरी होने के कारण जिला दंडाधिकारी कलेक्टर डॉ सारांश मित्तर ने तत्काल प्रभाव से नायाब तहसीलदार मस्तूरी
को कलेक्टर कार्य कार्यालय में अटैच कर दिया । सवाल यह है कि, यह नई योजना दम तोड़ जाएगी या जारी रहेगी? दूसरा सवाल है कि, नायाब तहसीलदार
मस्तूरी पर वाकई में कार्रवाई होगी या अटैचमेंट पर्याप्त माना जायेगा । सवाल यह भी है कि किसान का काम होगा या शराब की भेंट चढ़ानी ही पड़ेगी