ट्रेन का दिख नही रहा फेस , उल्टा नगरवासियों पर चलाया जा रहा केस

143

कोटा। करगी रोड रेलवे स्टेशन में एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के स्टापेज की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन करते हुए ट्रेन रोको आंदोलन का अंजाम दिया। इस मामले में रेलवे ने अपराध दर्ज कर लिया है। मुख्य रूप से आठ लोगों समेत हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।कोटा के ग्रामीण लम्बे समय से कोटा रेलवे स्टेशन में स्टापेज की मांग करते आ रहे हैं। इससे पहले भी हजारों की संख्या में ग्रामीणों ने स्टेशन के अंदर घुस कर आन्दोलन को अंजाम दिया था।

रेलवे प्रशासन ने उनकी मांग पूरी करने का आश्वासन भी दिया था। लेकिन अभी तक पूरा नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि कोरोना काल के बाद ट्रेनों का परिचालन शुरू कर दिया गया है। लेकिन कई स्टेशनों में स्टापेज की सुविधा बंद कर दी गई है। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिलासपुर रेल मंडल से करगी रोड कोटा के ग्रामीणों ने ट्रेन स्टोपेज की माँग की।

इससे पहले यहां बिलासुपर- कटनी मार्ग की सारी एक्सप्रेस और सुपर फास्ट ट्रेनों का स्टापेज किया जाता था। इसे बाद में बंद कर दिया गया। नगर संघर्ष समिति द्वारा कई बार मांग किए जाने के बावजूद स्टापेज की सुविधा शुरू नहीं की गई है। डिविजन, जोनल समेत बोर्ड स्तर पर पत्र लिखकर अनुरोध किया गया। धरना प्रदर्शन करने वाले कुलदीप शर्मा, अमन गुप्ता, शुभम गुप्ता, अजय यादव, दुर्गेश कौशिक, नंदलाल खत्री, शुभम गुप्ता, नंदकिशोर तिवारी पर धारा 174 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

एक लाख आठ हजार स्र्पये व सभी के खिलाफ 3500-3500 जुर्माने की कार्रवाई की गई है। रेल मंडल बिलासुपर के सीनियर डीएससी ऋषि कुमार गुप्ता ने बताया कि कोटा रेलवे स्टेशन में स्टापेज की मांग लेकर लोगों ने रेलवे ट्रैक पर आ गए थे। इसके अलावा स्टेशन में भी हंगामा किया गया था। इनमें कुछ लोगों के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मामला कायम किया गया है। वहीं जुर्माने की कार्रवाई के लिए कोर्ट में केस चल रहा है। इसमें अब तक कोई फैसला नहीं आया है।