बच्चों ने जाना , क्या है हरेली तिहार

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लक्ष्य स्मार्ट पब्लिक स्कूल कोटा में मनाया गया हरेली तिहार , जिसमे बच्चों को हरेली तिहार के बारे में बताते हुए , तरह तरह के खेल करा कर छत्तीसगढ़ की परम्परा से अवगत कराया गया , इस दौरान समस्त स्टाफ के साथ बच्चों ने हरेली तिहार के बारे में जानते हुए खेल का आनंद उठाया

अब जानते हैं हरेली तिहार के बारे में

हरेली तिहार छत्तीसगढ़ का सबसे पहला त्यौहार है, जो लोगों को छत्तीसगढ़ की संस्कृति और आस्था से परिचित कराता है

हरेली त्यौहार एक कृषि त्यौहार है। हरेली का मतलब हरियाली होता है, जो हर वर्ष सावन महीने के अमावस्या में मनाया जाता है। हरेली मुख्यतः खेती-किसानी से जुड़ा पर्व है।

 

अब जानते हैं गेड़ी के बारे में

गेड़ी का एक महत्वपूर्ण पक्ष है कि इसका प्रचलन वर्षा ऋतु में होता है। वर्षा के कारण  कई रास्तों में कीचड़ हो जाते हैं जिससे आने जाने में परेशानी होती है इस समय बच्चे गेड़ी पर चढ़कर एक स्थान से दूसरे स्थान आते जाते हैं।

उन्हें कीचड़ का भय नहीं रहता वह गेड़ी के सहारे उसकी जड़ को पार कर लेते हैं देखा जाए तो गेड़ी का संबंध है कीचड़ से ही है। कीचड़ में चढ़ने पर ही गेड़ी का आनंद आता है। गेड़ी में जब बच्चे चढ़ते हैं तब उन्हें आगे बढ़ने की इच्छा जागृत होती है यही उनके लिए एक स्पर्धा बन जाती है।

मनोरंजन के विभिन्न प्रतियोगिताएं होती हैं पर्व के सुबह से शाम तक ग्रामीण और शहर में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताएं होती हैं गेड़ी, रस्साकशी, मटकी फोड़, जलेबी दौड़, नारियल फेक सहित अन्य प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है।

सुबह पूजा अर्चना के बाद चौक चौराहों पर युवाओं की टोली एकत्रित होती है। माना जाता है कि हरेली त्यौहार के दिन से ही तंत्र विद्या की शुरुआत हो जाती है।