ठन गई , मौत से ठन गई , अटल जी की कविता का शीर्षक

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प्रश्न: अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म कब और कहाँ हुआ?

उत्तर: वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसंबर 1924 में मध्य प्रदेश जिले के ग्वालियर शहर के एक गांव में हुआ था। इनके पैतृक गांव का नाम “बटेश्वर” है।

प्रश्न: अटल बिहारी वाजपेयी जी को भारत रत्न पुरस्कार कब दिया गया?

उत्तर: अटल जी को भारत रत्न पुरस्कार सन् 2015 में दिया गया था। इस पुरस्कार को देने की घोषणा सन् 2014 में इनके जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले यानि 24 दिसंबर 2014 को की गयी थी।

प्रश्न: अटल जी की मृत्यु कब और कैसे हुई?

उत्तर: अटल जी का निधन 16 अगस्त 2018 में दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में हुआ था। इनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया की अटल जी का निधन निमोनिया और बहु अंग विफल होने के कारण हुआ है। 93 वर्ष की आयु में हुआ था अटल जी का निधन।

प्रश्न: अटल बिहारी वाजपेयी जी कितनी बार प्रधानमंत्री बने?

उत्तर: अटल बिहारी वाजपेयी जी तीन बार भारत देश के प्रधानमंत्री बने। सबसे पहले सन् 1996 में 13 दिनों के लिए प्रधानमंत्री का कार्यभार संभाला। इसके बाद 1998 से 1999 में 13 महीनों के लिए एक बार फिर से प्रधानमंत्री बने। और अंत में 1999 से 2004 तक पूरे पांच वर्षों तक प्रधानमंत्री का कार्यकाल पूरा किया।

आइये आज उनकी पुण्यतिथि में उन्ही की लिखी एक कविता याद करते करते है

शीर्षक: मौत से ठन गई

 

ठन गई!

मौत से ठन गई!

जूझने का मेरा इरादा न था,

मोड़ पर मिलेंगे इसका वादा न था।

रास्ता रोक कर वह खड़ी हो गई,

यों लगा ज़िन्दगी से बड़ी हो गई।

मौत की उमर क्या है? दो पल भी नहीं,

ज़िन्दगी सिलसिला, आज कल की नहीं।

मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूँ,

लौटकर आऊँगा, कूच से क्यों डरूँ?

तू दबे पाँव, चोरी-छिपे से न आ,

सामने वार कर, फिर मुझे आज़मा।

मौत से बेख़बर, ज़िन्दगी का सफ़र,

शाम हर सुरमई, रात बंसी का स्वर।

बात ऐसी नहीं कि कोई ग़म ही नहीं,

दर्द अपने-पराए कुछ कम भी नहीं।

प्यार इतना परायों से मुझको मिला,

न अपनों से बाक़ी है कोई गिला।

हर चुनौती से दो हाथ मैंने किये,

आंधियों में जलाए हैं बुझते दिए।

आज झकझोरता तेज़ तूफ़ान है,

नाव भँवरों की बाँहों में मेहमान है।

पार पाने का क़ायम मगर हौसला,

देख तेवर तूफ़ाँ का, तेवरी तन गई।

मौत से ठन गई।