
दिवाली का पर्व काफी उत्साह में मनाया गया. दिवाली के बाद गौरी गौरा की पूजा और उसके बाद विसर्जन का कार्यक्रम होता है. पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं और पुरुष झूमते नाचते हुए गौरा गौरी विसर्जन यात्रा में शामिल हुए. सिर में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती की प्रतिमा को सुसज्जित कर महिलाएं आस्था में झूमती हुई दिखाई दी

इसी सिलसिले में आज ग्राम जॉकी मे समिति द्वारा गौरा गौरी का विर्सजन कार्यक्रम किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूनम शुक्ला को आमंत्रित किया गया , ग्राम वासियों द्वारा पूनम शुक्ला का भव्य स्वागत किया गया इस पूरे कार्यक्रम के दौरान पूनम शुक्ला को ग्राम वासियों का प्यार और सम्मान मिलता रहा














